आओ मिलकर बचाएँ – कक्षा 11 हिंदी लेसन प्लान

आओ मिलकर बचाएँ – कक्षा 11 हिंदी लेसन प्लान

संक्षिप्त विवरण (Brief Description)

Sr. No.HeadingsDetails
1पाठ योजना प्रकार (Lesson Plan Type)दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan)
2विषय (Subject) हिंदी (Hindi)
3उपविषय (Sub-Subject)पद्य (Padya)
4प्रकरण (Topic)आओ मिलकर बचाए (Aao Milkar Bachaye)
5कक्षा (Class)11
6समयावधि (Time Duration)35 Minute
7उपयोगी (Useful for)B.ed, Deled, BSTC, BTC, Nios Deled

नमस्कार दोस्तों आज हम आपके लिए हिंदी विषय की कक्षा 11 की पाठ योजना लेकर आये है जो कि हिंदी के पद्य भाग से ली गयी है | इस हिंदी लेसन प्लान (Hindi Lesson Plan) का प्रकरण है आओ मिलकर बचाए |

 

इस आओ मिलकर बचाए (Aao Milkar Bachaye) के हिंदी लेसन प्लान (Hindi Lesson Plan) में सबसे पहले हम शिक्षण उद्देश्य की बात करेंगे |

शिक्षण-उद्देश्य :-

1. ज्ञानात्मक –

  • आदिवासी समाज की संस्कृति, जीवन-मूल्य, धरोहर को बचाने का प्रयास करना।
  • मनुष्य-मात्र के स्वभाव एवं व्यवहार की जानकारी देना।
  • नए शब्दों के अर्थ समझकर अपने शब्द- भंडार में वृद्धि करना।
  • साहित्य के पद्य –विधा (कविता-कला) की जानकारी देना।
  • छात्रों को अपने परिवेश एवं प्रकृति के बारे में जानकारी देना।
  • नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करना।
  • जीव-जंतुओं के प्रति करूणा, सहानुभूति, प्रेम आदि की भावनाएँ जागृत करना।
  • पाठ में वर्णित घटनाओं की सूची बनाना।
  • कविता की विषयवस्तु को पूर्व में सुनी / पढ़ी हुई कविता से संबद्ध करना।

 

2. कौशलात्मक –

  • स्वयं कविता लिखने की योग्यता का विकास करना।
  • पर्यावरण – प्रदूषण को रोकने के विभिन्न उपायों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना।
  • आदिवासी समाज की संस्कृति, जीवन-मूल्य, धरोहर को बचाने का प्रयास करना।

 

3. बोधात्मक – 

  • कविता के उज्ज्वल पक्ष को समझने का प्रयास करना।
  • रचनाकार के उद्देश्य को स्पष्ट करना।
  • कविता में आए संवेदनशील स्थलों का चुनाव करना।
  • समाज में व्याप्त विसंगतियों के बारे में सजग होना।
  • आदिवासी समाज की जानकारी प्राप्त करना।

 

4. प्रयोगात्मक – 

  • कविता को अपने दैनिक जीवन के संदर्भ में जोड़कर देखना।
  • कविता की मुख्य बातों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना।
  • पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखना।
  • कविता की घटनाओं का वर्णन संक्षेप में अपने शब्दों में करना।

 

शिक्षण सहायक सामग्री:-

  • चाक , डस्टर आदि।
  • पावर प्वाइंट के द्वारा पाठ की प्रस्तुति।

 

आओ मिलकर बचाए (Aao Milkar Bachaye) पाठ से सम्बन्धित बच्चो के पूर्व ज्ञान का पता लगाया गया है |

पूर्व ज्ञान:-

  • पशु-पक्षी, जंगल , पृथ्वी की उत्पत्ति के बारे में ज्ञान है।
  • प्राकृतिक विपत्ति तथा पर्यावरण प्रदूषण के बारे में आधारभूत ज्ञान है।
  • कविता-कला का ज्ञान है।
  • आदिवासी समाज की थोड़ी-बहुत जानकारी है।
  • सामाजिक बुराइयों से वाक़िफ़ हैं।
  • मानवीय स्वभाव की जानकारी है।

 

प्रस्तावनाप्रश्न :-

  1. बच्चो! क्या आपके आसपास ऐसे लोग रहते हैं जो आदिवासी या जनजाति की श्रेणी के हैं?
  2. क्या आपने जंगली बस्ती देखी है? उनकी कोई दो विशेषताएँ बताइए।
  3. मनुष्य की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए।
  4. आदिवासी समाज की क्या विशेषताएँ हैं ?

 

उद्देश्य कथन :- बच्चो! आज हम कवयित्री ‘ निर्मला पुतुल ’ के द्वारा रचित कविता ‘ आओ मिलकर बचाएँ ’ का अध्ययन करेंगे।

 

इन्हें भी देखे:-

 

आओ मिलकर बचाएँ – कक्षा 11 हिंदी लेसन प्लान की इकाइयाँ

 प्रथम अन्विति ( अपनी बस्तियों………………हड़िया में )

  • बस्तियों से जंगलों का साफ़ होना।
  • पर्यावरण का प्रदूषित होना।
  • लोगों का शराब में डूब जाना।

 

 द्वितीय अन्विति :- ( अपने चेहरे …………………….फ़सलों की लहलहाहट )

  • झारखंड का संथाल परगना
  • लोगों की दिनचर्या ठंडी होना
  • आदिवासियों का जन्मजात स्वभाव नष्ट होना
  • आदिवासी समाज की मूलभूत विशेषताओं का धीरे-धीरे लोप होना।

 

 तृतीय अन्विति :- ( नाचने के लिए……………………..अब भी हमारे पास )

  • आदिवासी जीवन-शैली पर शहरी सभ्यता का प्रभाव दिखाई देना।
  • कवयित्री के द्‍वारा ऐसे दौर में भी उम्मीद न छोड़ने की सलाह ।
  • आदिवासी समाज को बचाने के लिए अब भी समय बचा है ।

 

शिक्षण विधि :-

क्रमांकअध्यापकक्रियाछात्रक्रिया
.कविता का सारांश :-

पाठ्यपुस्तक में ली गई कविता आओ मिलकर बचाएँ में कवयित्री आदिवासी जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं से, कलात्मकता के साथ हमारा परिचय कराती हैं और संथाली समाज के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को बेबाकी से सामने रखती हैं।

संथाली समाज में जहाँ एक ओर सादगी, भोलापन, प्रकृति से जुड़ाव और कठोर परिश्रम करने की क्षमता जैसे सकारात्मक तत्व हैं, वहीं दूसरी ओर उसमें अशिक्षा, कुरीतियाँ और शराब की ओर बढ़ता झुकाव भी है।

इस कविता में दोनों पक्षों का यथार्थ चित्रण हुआ है। बृहत्तर संदर्भ में यह कविता समाज में उन चीज़ों को बचाने की बात करती है जिनका होना स्वस्थ सामाजिक-प्राकृतिक परिवेश के लिए ज़रुरी है।

प्रकृति के विनाश और विस्थापन के कारण आज आदिवासी समाज संकट में है, जो कविता का मूल स्वर है। संथाली भाषा से हिन्दी रुपांतर अशोक सिंह ने किया है।

कविता को ध्यानपूर्वक सुनना और समझने का प्रयास करना। आदिवासी समाज पर तथा सामाजिक बुराई पर अपने विचार प्रस्तुत करना।
. कवयित्री-परिचय :-

जन्म : सन्‍ १९७२ ई. दुमुका (झारखंड)

प्रमुख रचनाएँ : नगाड़े की तरह बजते शब्द, अपने घर की तलाश में ।

 

उन्होंने आदिवासी समाज की विसंगतियों को तल्लीनता से उकेरा है – कड़ी मेहनत के बावज़ूद खराब दशा, कुरीतियों के कारण बिगड़ती पीढ़ी, थोड़े लाभ के लिए बड़े समझौते, पुरुष वर्चस्व, स्वार्थ के लिए पर्यावरण की हानि, शिक्षित समाज का दिक्कुओं और व्यवसायियों के हाथों की कठपुतली बनना आदि वे परिस्थितियाँ हैं जो पुतुल की कविताओं के केन्द्र में हैं।

कवयित्री के बारे में आवश्यक जानकारियाँ अपनी अभ्यास –पुस्तिका में लिखना।
.शिक्षक के द्वारा पाठ का उच्च स्वर में पठन करना।उच्चारण एवं पठन – शैली को ध्यान से सुनना।
.पाठ के पदों की व्याख्या करना।पाठ को हॄदयंगम करने की क्षमता को विकसित करने के लिए पाठ को ध्यान से सुनना। पाठ से संबधित अपनी जिज्ञासाओं का निराकरण करना।
.कठिन शब्दों के अर्थ :-

आबो-हवा                       जलवायु

सोंधापन                        सुंगध

उम्मीद                          आशा

दौर                               समय

अक्खड़पन                     किसी बात को लेकर                                                                                रुखाई से तन जाने का भाव

जुझारुपन                      जूझने या संघर्ष करने की प्रवृत्ति

 

छात्रों द्वारा अपनी अभ्यास- पुस्तिका में लिखना।

. छात्रों द्वारा पठित अनुच्छेदों में होने वाले उच्चारण संबधी अशुद्धियों को दूर करना।छात्रों द्वारा पठन।
. पाठ में आए व्याकरण का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना।

·       योजक और युग्म शब्द

·       देशज शब्द

·       कारक ; वचन

व्याकरण के इन अंगों के नियम, प्रयोग एवं उदाहरण को अभ्यास-पुस्तिका में लिखना।

 

गृहकार्य :-

  • पाठ का सही उच्चारण के साथ उच्च स्वर मेँ पठन करना।
  • पाठ के प्रश्न – अभ्यास करना।
  • कविता की प्रमुख घटनाओं की संक्षेप में सूची तैयार करना।
  • पाठ में आए कठिन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करना।

 

परियोजना कार्य :-

  • कविता पुस्तकालय आदि से संग्रह करना।
  • समाज में व्याप्त किसी समस्या पर आधारित कोई कविता लिखना।
  • किसी आदिवासी समाज की जीवन-शैली को कुछ चित्रों सहित संग्रह करना।

 

मूल्यांकन :-

निम्न विधियों से मूल्यांकन किया जाएगा :-

  • पाठ्य-पुस्तक के बोधात्मक प्रश्न—
  • आप अपने शहर या बस्ती की किन चीज़ों को बचाना चाहेंगे ?
  • आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करें।
  • बस्तियों को शहर की किस आबो-हवा से बचाने की आवश्यकता है ?
  • इकाई परीक्षाएँ
  • गृह – कार्य
  • परियोजना – कार्य

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